मेमो ट्रेन शुरू होते ही थरा में हंगामा, स्टेशन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आधे घंटे रोकी ट्रेन

मुरैना। कैलारस से बीरपुर के बीच बहुप्रतीक्षित मेमो ट्रेन का संचालन मंगलवार से शुरू हो गया। सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर मेमो ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों में ट्रेन संचालन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से कैलारस और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से क्षेत्र को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मेमो ट्रेन के संचालन से यात्रियों का समय बचेगा और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस रेल सेवा की मांग कर रहे थे।

पहली यात्रा में थरा में ग्रामीणों ने रोकी ट्रेन

मेमो ट्रेन की पहली यात्रा हालांकि पूरी तरह सुचारू नहीं रही। कैलारस से बीरपुर की ओर जा रही ट्रेन जब थरा गांव के पास पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ट्रेन को रोक दिया। करीब एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण ट्रेन के सामने पहुंच गए और थरा में रेलवे स्टेशन बनाए जाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि नैरोगेज ट्रेन के संचालन के दौरान थरा में रेलवे स्टेशन हुआ करता था। इससे आसपास के कई गांवों के लोगों को रेल सुविधा मिलती थी। ग्रामीणों के मुताबिक, मेमो ट्रेन शुरू होने से पहले थरा स्टेशन को समाप्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है।

स्टेशन नहीं तो मेमो ट्रेन का लाभ कैसे मिलेगा?

ग्रामीणों ने कहा कि थरा और आसपास के गांवों की आबादी के लिए स्टेशन बेहद जरूरी है। यदि यहां ट्रेन का ठहराव नहीं होगा तो आसपास के लोगों को मेमो ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ेगा। इससे नई रेल सेवा का वास्तविक लाभ क्षेत्र के ग्रामीणों को नहीं मिल पाएगा। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने ट्रेन को करीब आधे घंटे तक आगे नहीं बढ़ने दिया। मौके पर ग्रामीणों ने रेलवे और प्रशासन से थरा में स्टेशन की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी।

पुलिस और रेलवे अधिकारी पहुंचे मौके पर

ट्रेन रोके जाने की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और उन्हें समझाइश दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी स्टेशन की मांग को उचित स्तर पर रखा जाएगा और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। ग्रामीणों ने ट्रेन के आगे से हटकर उसे रवाना होने का रास्ता दिया, जिसके बाद मेमो ट्रेन अपनी यात्रा पर आगे बढ़ सकी।

पहली यात्रा में ही सामने आई स्टेशन की मांग

कैलारस-बीरपुर मेमो ट्रेन के शुरू होने से जहां क्षेत्रवासियों में खुशी है, वहीं पहली ही यात्रा के दौरान थरा में ग्रामीणों द्वारा ट्रेन रोककर स्टेशन की मांग किए जाने से रेलवे के सामने एक नई चुनौती भी सामने आ गई है। अब ग्रामीणों की नजर रेलवे और प्रशासन की कार्रवाई पर है। उनका कहना है कि यदि थरा में स्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तो मेमो ट्रेन का लाभ आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधे मिल सकेगा। मेमो ट्रेन के संचालन को क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे में थरा के ग्रामीणों की स्टेशन की मांग पर रेलवे और प्रशासन क्या निर्णय लेते हैं, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।

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