मुरैना में पहली बार सजा ‘दीदियों का राखी मेला’, कलेक्टर ने किया शुभारंभ

मुरैना। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार राखियों एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के सहयोग से आजीविका राखी मेले का आयोजन किया जा रहा है। पंडित रामप्रसाद बिस्मिल शहीद संग्रहालय के समीप आयोजित चार दिवसीय मेले का शुभारंभ सोमवार को कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव सहित संबंधित अधिकारी और स्व-सहायता समूहों की दीदियां मौजूद रहीं।

मेले में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हुनर और रचनात्मकता से तैयार विभिन्न डिजाइनों की आकर्षक राखियां बिक्री के लिए रखी हैं। इसके अलावा महिलाओं द्वारा निर्मित श्रृंगार सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पाद भी प्रदर्शित एवं विक्रय किए जा रहे हैं।

महिलाओं के हुनर को मिल रहा बाजार

स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बताया कि मेले के लिए उन्होंने पिछले कई दिनों से राखियां तैयार करने और अन्य तैयारियों में मेहनत की है। मेले के माध्यम से उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि आजीविका राखी मेला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपने कौशल और हुनर का प्रदर्शन करने के साथ सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिलता है। इससे उत्पादों की बिक्री बढ़ने के साथ महिलाओं की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्रोत्साहन देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। मेले में शहरवासियों को आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण राखियां सहित अन्य उपयोगी स्थानीय उत्पाद उचित कीमतों पर उपलब्ध होंगे।

महिलाओं को मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाने का प्रयास

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने मेहनत और लगन से आकर्षक राखियां तैयार की हैं। महिलाओं द्वारा अपने कौशल से तैयार किए गए उत्पाद उनकी प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का उदाहरण हैं। मेले के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का उद्देश्य महिलाओं को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

27 अगस्त तक चलेगा मेला

जिला प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि रक्षाबंधन के अवसर पर राखियों की खरीदारी आजीविका राखी मेले से करें और स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। आजीविका राखी मेला 27 अगस्त तक प्रतिदिन पंडित रामप्रसाद बिस्मिल शहीद संग्रहालय के समीप संचालित रहेगा। शहरवासी यहां पहुंचकर राखियों एवं अन्य स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।

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