मुरैना। पुलिस की वर्दी अक्सर सख्ती और अनुशासन की पहचान मानी जाती है, लेकिन मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना का सहज, सरल और संवेदनशील अंदाज आमजन के बीच अलग पहचान बना रहा है। जनसुनवाई के दौरान उनकी कार्यशैली देखकर फरियादी भी उनकी तारीफ किए बिना नहीं रहते।

एसपी कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाली महिलाओं और बच्चों के प्रति एसपी धर्मराज मीना का व्यवहार खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वे महिलाओं और बच्चों को सम्मानपूर्वक कुर्सी पर बैठाते हैं और बेहद सहज माहौल में उनकी बात ध्यान से सुनते हैं, ताकि फरियादी बिना किसी झिझक के अपनी समस्या बता सकें।

बच्चों के मामले में एसपी का अंदाज और भी आत्मीय नजर आता है। वे बच्चों को टॉफियां खिलाकर और पानी की बोतल देकर पहले उनके साथ दोस्ती जैसा माहौल बनाते हैं, फिर बेहद प्यार से उनकी बात सुनते हैं। पुलिस अधिकारी के सामने अक्सर सहमे रहने वाले बच्चे भी एसपी के इस व्यवहार से सहज होकर अपनी बात कह पाते हैं।

एसपी धर्मराज मीना का मानना है कि पुलिस का असली उद्देश्य आमजन की समस्याओं को समझना और उन्हें न्याय दिलाना है। यही वजह है कि वे जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनने और संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर देते हैं। उनका यह मानवीय अंदाज पुलिस की वर्दी के पीछे छिपी संवेदनशीलता को सामने लाता है। महिलाओं और बच्चों के प्रति सम्मान, बुजुर्गों के प्रति अपनापन और हर फरियादी की बात धैर्यपूर्वक सुनने की उनकी शैली लोगों के बीच सकारात्मक संदेश दे रही है।

यही कारण है कि अब जनसुनवाई में आने वाले कई फरियादी एसपी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहते नजर आते हैं—“नाम धर्मराज मीना है तो काम भी धर्म और इंसाफ वाला ही है।”