मुरैना। सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकल रहे कथित प्रदूषित पानी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नूराबाद और बानमोर क्षेत्र के करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी पर रोक लगाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सात्विक एग्रो और जेड एक्स कैमिकल फैक्ट्री से प्रतिदिन हजारों लीटर कथित जहरीला पानी बाहर निकल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक फैक्ट्री परिसर में वाटर ट्रीटमेंट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रदूषित पानी खुले में बहाया जा रहा है।
मवेशियों और राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पानी को पीने से पालतू और आवारा मवेशियों के साथ बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सांक नदी में प्रदूषित पानी पहुंचने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान फैक्ट्रियों से निकलने वाला कथित प्रदूषित पानी सांक नदी तक पहुंच रहा है। इससे नदी का पानी भी दूषित होने की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों ने कहा कि इससे आसपास के गांवों में पशु-पक्षियों और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हो सकता है।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी में कौन से प्रदूषक मौजूद हैं और क्या पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हुआ है।
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो धरना प्रदर्शन
किसान कांग्रेस नेता रामचित्र महाना व ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कथित प्रदूषित पानी पर रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे फैक्टरी के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मामला पर्यावरण के साथ-साथ पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य से भी जुड़ा है।