मुरैना। जिला न्यायालय मुरैना सहित अम्बाह, जौरा, सबलगढ़ और पोरसा के तहसील न्यायालयों में आयोजित नेशनल लोक अदालत में इस वर्ष जिले ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। लोक अदालत में कुल 31 खण्डपीठों के माध्यम से 2,901 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 12 करोड़ 38 लाख 70 हजार 197 रुपये की समझौता राशि प्राप्त हुई। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष संगीता मदान ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

31 खण्डपीठों में हुई मामलों की सुनवाई
नेशनल लोक अदालत के लिए जिला मुख्यालय मुरैना में 12, अम्बाह में 5, जौरा में 7, सबलगढ़ में 6 और पोरसा में 1 खण्डपीठ का गठन किया गया था। इस तरह जिलेभर में कुल 31 खण्डपीठों के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई की गई।
न्यायालयों में लंबित 1,224 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 10 करोड़ 10 लाख 34 हजार 724 रुपये की समझौता राशि प्राप्त हुई। वहीं प्रीलिटिगेशन के 1,677 प्रकरणों का निराकरण कर 2 करोड़ 28 लाख 35 हजार 473 रुपये की समझौता राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार कुल 2,901 प्रकरणों का निराकरण हुआ और 12,38,70,197 रुपये की समझौता राशि प्राप्त हुई।

पति-पत्नी के विवाद का भी हुआ समझौता
लोक अदालत के दौरान कुटुम्ब न्यायालय मुरैना के प्रधान न्यायाधीश हितेंद्र द्विवेदी के प्रयासों से पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का आपसी समझौते से निराकरण कराया गया। दोनों पक्षों को आपसी मतभेद दूर कर शांतिपूर्ण और सुखमय जीवन जीने की समझाइश दी गई। समझौते के बाद पति-पत्नी साथ घर लौटे। इस अवसर पर दोनों को आपसी प्रेम और सद्भाव के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट किया गया।

बैंक और विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण
प्रधान जिला न्यायाधीश संगीता मदान ने लोक अदालत परिसर में लगाए गए बैंक, विद्युत, नगर निगम और बीमा कंपनियों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया।

प्रधान जिला न्यायाधीश संगीता मदान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस वर्ष की नेशनल लोक अदालत में मुरैना जिले का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।