मुरैना। कैलारस ब्लॉक के माधोगढ़ गांव में पिछले करीब 15 दिनों से बुखार और डेंगू के बढ़ते मामलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं और कई घरों में परिवार के सदस्य बुखार से पीड़ित होकर बिस्तर पर हैं। ग्रामीणों ने बीमारी के चलते दो लोगों की मौत होने की बात भी कही है। मृतकों की पहचान ममता धाकड़ और मनीषा शाक्य के रूप में बताई गई है। हालांकि, इन मौतों की वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
तीन दिनों में 60 से 70 मरीज अस्पताल पहुंचे
ग्रामीणों के मुताबिक, बीमारी बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में करीब 60 से 70 मरीजों को कैलारस से जिला अस्पताल मुरैना रेफर किया गया। इनमें से करीब 40 मरीजों को ग्वालियर रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में अभी भी करीब 150 से 200 लोग बीमार हैं। कई परिवारों में एक से अधिक सदस्य बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। एंबुलेंस से जुड़े लोगों के अनुसार भी पिछले कुछ दिनों में माधोगढ़ से बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, मरीजों के लिए सैंपल
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम माधोगढ़ पहुंची और गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम ने मरीजों की जांच की और संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए। जिला अस्पताल की टीम ने भी गांव पहुंचकर मरीजों का परीक्षण किया।

जांच में 3 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
सीएमएचओ पद्मेश उपाध्याय के अनुसार, माधोगढ़ में वायरल फीवर के साथ डेंगू के मरीज भी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मरीजों की जांच और उपचार कर रही है। सीएमएचओ के मुताबिक, जिला अस्पताल की टीम ने गांव में करीब 60 से 70 मरीजों की जांच की, जिनमें से 26 मरीजों के सैंपल जांच के लिए लिए गए। अब तक 3 मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने की जानकारी दी गई है।
फॉगिंग और साफ-सफाई पर जोर
मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए गांव में फॉगिंग कराई गई है। साथ ही गंदे और जमा पानी को नष्ट कराने की कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मरीजों की निगरानी और उपचार के लिए लगाया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने और दो मौतों के दावे ने चिंता बढ़ा दी है। अब लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही गांव में डेंगू के संक्रमण की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।