मुरैना। नवरात्रि एवं दीपावली पर्व पर मिट्टी के उत्पादों की बिक्री करने वाले कुम्हारों और पारंपरिक मिट्टी शिल्पकारों को बड़ी राहत मिलेगी। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले के नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों में मिट्टी के उत्पाद बेचने के लिए कुम्हारों को निःशुल्क स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उनसे किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशानुसार, स्थानीय कुम्हारों एवं मिट्टी शिल्पकारों द्वारा तैयार मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने, दीपक, सरेया, मटके और अन्य सजावटी वस्तुओं की बिक्री के लिए हाट-बाजारों में उपयुक्त स्थान की व्यवस्था की जाएगी। इससे त्योहारों के दौरान पारंपरिक कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी आजीविका को आर्थिक संबल मिलेगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुम्हारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि उन्हें उत्पादों की बिक्री के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुरैना, आयुक्त नगर पालिक निगम मुरैना, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जिला शहरी विकास अभिकरण तथा संबंधित नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस पहल से स्थानीय कुम्हारों को अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, मिट्टी से बने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ पारंपरिक मिट्टी शिल्पकला के संरक्षण और संवर्धन में भी मदद मिलेगी।