मुरैना। जिला अस्पताल में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात बड़ा हादसा टल गया। प्रसव पूर्व वार्ड क्रमांक-34 में अचानक फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में अपनी भाभी की डिलीवरी के लिए अस्पताल आई महिला अटेंडर घायल हो गई। उसके सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा। गनीमत रही कि फॉल्स सीलिंग की चपेट में प्रसूता और नवजात बच्चा नहीं आए।

रात करीब 2 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, खांडोली निवासी रुबीना अपनी भाभी की डिलीवरी के लिए मुरैना जिला अस्पताल आई थी। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे वह प्रसव पूर्व वार्ड क्रमांक-34 में अपनी भाभी के पलंग के पास सो रही थी। इसी दौरान अचानक छत की फॉल्स सीलिंग भरभराकर नीचे आ गिरी।सीलिंग का हिस्सा रुबीना के ऊपर गिरने से उसके सिर में चोट लग गई और सिर से खून निकलने लगा। हादसे के बाद वह रात में ही किसी तरह अपने घर पहुंची, जहां उसके सिर पर पट्टी कराई गई।

प्रसूता और नवजात बाल-बाल बचे
हादसे के वक्त रुबीना की भाभी और नवजात बच्चा भी वार्ड में मौजूद थे। हालांकि फॉल्स सीलिंग की चपेट में आने से दोनों बच गए। यदि सीलिंग का हिस्सा सीधे प्रसूता या नवजात के ऊपर गिरता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।घटना के बाद वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल बन गया।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जिला अस्पताल के प्रसव वार्ड में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना ने अस्पताल भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल की छत, फॉल्स सीलिंग और अन्य निर्माण हिस्सों की नियमित जांच कितनी गंभीरता से की जा रही है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब जरूरत इस बात की है कि अस्पताल प्रबंधन घटना वाले वार्ड सहित अन्य वार्डों की फॉल्स सीलिंग और भवन संरचना का निरीक्षण कराए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।