मुरैना। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, मुरैना में अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस एवं सेवा संकल्प दिवस के अवसर पर जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रवणबाधित एवं सांकेतिक भाषा का उपयोग करने वाले दिव्यांगजनों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें शिक्षा, पुनर्वास, संचार और सामाजिक सहभागिता के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी कलेक्टर एवं उपसंचालक राजेश कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। इस अवसर पर केंद्र के अधिकारियों, कर्मचारियों, दिव्यांगजनों, उनके अभिभावकों एवं अन्य उपस्थितजनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में संचार, शिक्षा, पुनर्वास सेवाओं तक पहुंच तथा श्रवणबाधित दिव्यांगजनों के अधिकारों से संबंधित जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को विभिन्न सामान्य शब्दों और वाक्यों के सांकेतिक भाषा संकेतों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के विशेषज्ञों ने बताया कि सांकेतिक भाषा श्रवणबाधित व्यक्तियों के लिए संचार का महत्वपूर्ण माध्यम है। परिवार और समाज द्वारा सांकेतिक भाषा को समझने एवं उसका उपयोग करने से श्रवणबाधित व्यक्तियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक भाषा प्रदर्शन, जागरूकता गतिविधियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं सेवा संकल्प दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के निर्देशन तथा डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन जाकिर हुसैन द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की ओर से श्रवणबाधित दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जा रही पुनर्वास सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को केंद्र की सेवाओं से जोड़ने का आह्वान किया गया।